मैं भारतीय हूँ और मैं सदा से इस बात पर गर्व करता आया हूँ| बचपन से ही मुझे गर्व होता था भारत के गौरवशाली इतिहास पर, इसके भौगोलिक परिप्रेक्ष्य पर, इसकी वर्तमान प्रगति की दर पर और भविष्य के प्रति भारत की जागरूकता पर| पर वक्त के साथ मुझे ये महसूस होता गया कि सिर्फ गर्व करना ही सब कुछ नहीं होता| गौरव को बनाये रखने के लिए सतत परिश्रम की भी आवश्यकता होती है| पर आज भारतीय इस बात को भूल गए हैं| "हमारे पूर्वजों ने ये किया, वो किया" - इस तरह की बातों पर सीना चौड़ा करते हैं| पर अभी हम क्या हैं, ये नहीं देखते| किसी ज़माने में भारतीयों ने भारतीयता का परिचय दिया था| पर आज का हर भारतीय सिर्फ कागजी कार्यवाही के लिए ही भारतीय रह गया है ताकि सरकारी नौकरी मिल सके|
